पितृपक्ष में गया जाने वालों के लिए राहत, रानी कमलापति से चलेगी स्पेशल ट्रेन
भोपाल। पितृपक्ष के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने रानी कमलापति–गया–रानी कमलापति पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।
Kolar Crime: भोपाल में ट्रैफिक ACP के घर चोरी, 6 लाख कैश और लाखों के जेवर ले गए बदमाश
भोपाल। कोलार थाना क्षेत्र के दानिश कुंज-2 में ट्रैफिक ACP विजय दुबे के घर चोरी का मामला सामने आया है। घटना गुरुवार रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, चोर घर से 6 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी और कई तोला सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि घर में रखा करीब 6 लाख रुपये का कैश कुछ महीने पहले लिए गए 20 लाख रुपये के पर्सनल लोन की बची हुई रकम थी।
चोर पुश्तैनी जेवरों के साथ परिवार के अन्य सदस्यों के जेवर भी ले गए। इनमें भाई, भाभी और सालियों के जेवर शामिल बताए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कोलार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगाई हैं। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
कोलार के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर कांग्रेस का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
भोपाल। हुजूर विधानसभा के कोलार क्षेत्र में शासकीय विद्यालयों की बदहाल स्थिति और अव्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और एसडीएम के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कोलार क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। स्कूलों में फर्श खराब और कई जगह उखड़ा हुआ है। वहीं, खुले एवं असुरक्षित बिजली के तारों के कारण छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कुछ शासकीय विद्यालयों की छतों की स्थिति भी जर्जर है। बारिश के दौरान स्कूलों में पानी टपकने की समस्या सामने आती है। इसके अलावा मध्याह्न भोजन तैयार किए जाने वाले स्थानों पर स्वच्छता की कमी, गंदगी और पानी भरने जैसी समस्याओं का भी कांग्रेस ने मुद्दा उठाया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकारी स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ स्कूलों में स्वच्छता, बिजली, भवन और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाओं का होना जरूरी है। कांग्रेस ने शासन से मांग की कि कोलार क्षेत्र के सभी शासकीय विद्यालयों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत और व्यवस्थाओं में सुधार कराया जाए।
मुख्यमंत्री के दावे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर बताया जाता है। कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री को राजधानी भोपाल से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। वे कोलार क्षेत्र के सरकारी स्कूलों का जमीनी निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति देख सकते हैं।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि स्कूलों की मौजूदा स्थिति देखने के बाद ही सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने प्रशासन से स्कूलों की समस्याओं का जल्द निराकरण करने और विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की।
इंदौर में Transport Summit 2026 का आगाज, Smart Mobility से Green Transport तक होगी चर्चा
इंदौर। मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और बेहतर बनाने की दिशा में इंदौर में 11 और 12 सितंबर को यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का आयोजन किया जाएगा। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होने वाले इस दो दिवसीय समिट में देशभर से परिवहन विशेषज्ञ, नीति निर्माता, बस ऑपरेटर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और Mobility क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिट में Public Transport व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। आधुनिक तकनीक, डिजिटल मोबिलिटी और Public-Private Partnership यानी PPP Model के जरिए यात्री परिवहन सेवाओं को मजबूत करने के विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा। बढ़ते शहरीकरण और यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए बेहतर कनेक्टिविटी, समयबद्ध परिवहन सेवाएं और Passenger Safety जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे। Smart Transport Technology, Electric Mobility, Green Transport और Pollution-Free Transport को लेकर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। परिवहन क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने और नई Mobility कंपनियों के लिए अवसर तैयार करने पर भी मंथन होगा। समिट के दौरान अलग-अलग विषयों पर आठ सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें Public Transport की मौजूदा चुनौतियों, तकनीकी नवाचार, नीति निर्माण, यात्री सुरक्षा, निजी निवेश और भविष्य की Mobility व्यवस्था पर चर्चा होगी। आयोजन का उद्देश्य मध्यप्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को आने वाले समय की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नई दिशा तय करना है। समिट में परिवहन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और हितधारकों के सुझावों के आधार पर आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ Public Transport System विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ते शहरों और बदलती परिवहन जरूरतों को देखते हुए इंदौर में होने वाला यह आयोजन परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Kolar Crime: कजलीखेड़ा पुलिस ने पीछा कर पकड़ी स्कॉर्पियो, करीब 40 पेटी शराब जब्त
भोपाल। अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कजलीखेड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्कॉर्पियो वाहन को पीछा कर पकड़ा। पुलिस की कार्रवाई के दौरान वाहन से भारी मात्रा में शराब बरामद होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कॉर्पियो से करीब 40 पेटी शराब जब्त की गई है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस को वाहन के संबंध में सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने स्कॉर्पियो का पीछा किया और उसे रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में शराब मिली। पुलिस ने वाहन और शराब को अपने कब्जे में ले लिया है।
बताया जा रहा है कि बरामद शराब को कोलार क्षेत्र में अवैध बिक्री के लिए ले जाने की आशंका है। हालांकि शराब की वास्तविक मात्रा, उसके स्रोत और इसे कहां ले जाया जा रहा था, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। वाहन से जुड़े दस्तावेजों और शराब के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब परिवहन के पीछे कौन लोग शामिल हैं और इसका उद्देश्य क्या था।
कजलीखेड़ा पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
तालाब की जमीन पर सड़क और प्लॉटिंग! NGT सर्वे में सामने आया केरवा-कलियासोत का चौंकाने वाला खुलासा
भोपाल। केरवा-कलियासोत क्षेत्र में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा गठित विशेष टीम की ग्राउंड ट्रुथिंग के दौरान तालाब की सीमाओं, FTL और कथित अतिक्रमण को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। सर्वे के दौरान तालाब के जलभराव क्षेत्र के भीतर सड़क निर्माण और प्लॉटिंग के लिए मुनारें लगाए जाने के आरोपों की भी जांच की गई।
विशेष टीम ने बुधवार सुबह करीब 11 बजे वाल्मी के सामने स्थित मोटल शिराज की संपत्ति से ग्राउंड ट्रुथिंग की शुरुआत की। टीम ने निचले क्षेत्र में मौजूद मुनारों की स्थिति, पानी के वास्तविक स्तर और FTL से उनके संबंध का मौके पर निरीक्षण किया। इसके बाद राजेश वाधवानी की संपत्ति के आसपास भी मुनारों और FTL की स्थिति देखी गई।

FTL से महज 10 फीट दूर मिला पक्का निर्माण
सर्वे के दौरान एक फिश फार्म क्षेत्र में FTL से करीब 10 फीट की दूरी पर पक्का निर्माण पाया गया। इसके समीप डेयरी का संचालन भी होता मिला। स्थानीय स्तर पर इस संपत्ति को एक पूर्व DGP से संबंधित बताया गया है। हालांकि, संपत्ति के स्वामित्व और निर्माण की वैधता को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।
खुदागंज में पानी FTL सीमा तक पहुंचा
इसके बाद टीम वार्ड क्रमांक 26 स्थित ग्राम खुदागंज पहुंची। यहां कई स्थानों पर पानी का स्तर FTL सीमा तक पहुंचा हुआ दिखाई दिया। टीम को पानी की सीमा से सटे कई रेस्टोरेंट और अन्य निर्माण भी मिले।
जल संसाधन विभाग (WRD) के अधिकारियों ने मौके पर FTL सीमा दर्शाने वाले पत्थरों की स्थिति और लोकेशन की जांच की। इसका उद्देश्य वास्तविक FTL सीमा को मौके पर स्पष्ट रूप से चिन्हित करना था।
तालाब के अंदर सड़क और प्लॉटिंग पर सवाल
ग्राउंड ट्रुथिंग के दौरान कलियासोत तालाब क्षेत्र में सड़क निर्माण और प्लॉटिंग को लेकर गंभीर सवाल सामने आए। आरोप है कि तालाब के जलभराव क्षेत्र के भीतर से सड़क बनाई गई है। इसके अलावा कई बड़े रेस्टोरेंट और व्यावसायिक निर्माण तालाब की सीमा के भीतर या उसके बेहद करीब होने की बात सामने आई।
कुछ स्थानों पर प्लॉटिंग के लिए मुनारें लगाए जाने और इनके कारण पानी के प्राकृतिक बहाव तथा जलभराव के रास्ते प्रभावित होने के आरोपों की भी जांच की गई।
केरवा डैम में फिलहाल नहीं हो सका ग्राउंड ट्रुथिंग सर्वे
इसके बाद विशेष टीम केरवा डैम क्षेत्र पहुंची। अधिकारियों ने टीम को बताया कि वर्तमान में केरवा डैम के FTL स्तर पर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मौके पर FTL की वास्तविक स्थिति का ग्राउंड ट्रुथिंग सर्वे करना फिलहाल संभव नहीं है।
इस मुद्दे पर समिति के सदस्यों और अधिकारियों के बीच चर्चा हुई। विचार-विमर्श के बाद सहमति बनी कि केरवा की वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए बिना जल्दबाजी में आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
15 सितंबर को NGT के सामने रखी जाएगी रिपोर्ट
केरवा की FTL और डैम से जुड़े तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं की रिपोर्ट आगामी 15 सितंबर को NGT के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद NGT के निर्देशों के आधार पर केरवा क्षेत्र में आगे की ग्राउंड ट्रुथिंग और जांच की प्रक्रिया तय की जाएगी।
याचिकाकर्ता ने कही वैज्ञानिक जांच की बात
याचिकाकर्ता राशिद नूर खान ने कहा कि पूरे मामले का समाधान न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर सीमा तय करने के बजाय मौके पर मौजूद पुरानी मुनारों, जलस्तर, FTL और प्राकृतिक जल प्रवाह की स्थिति को वैज्ञानिक एवं कानूनी आधार पर रिकॉर्ड किया जाना जरूरी है, ताकि आगे की कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से हो सके।
PM Modi का UPI पर बड़ा जोर: 11 देशों के बाद अब दुनिया के और देशों तक पहुंचेगा भारत का Digital Payment System
नई दिल्ली। भारत के Unified Payments Interface (UPI) को Global Digital Payment Network में और मजबूत करने की दिशा में बड़ा फोकस सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Global Fintech Fest 2026 में भारत के UPI ecosystem को दुनिया के अधिक देशों के payment systems से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले वर्षों में Digital Payments, FinTech और Financial Technology के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बनाई है। UPI ने न केवल भारत में digital transactions को आसान बनाया है, बल्कि दुनिया के सामने भारत के एक सफल और scalable digital payment model के रूप में भी जगह बनाई है।
अब भारत का अगला लक्ष्य UPI की पहुंच को और अधिक देशों तक ले जाना और Cross-Border Digital Payments को आसान बनाने की दिशा में काम करना है।
UPI Global Expansion पर PM Modi का फोकस
Global Fintech Fest में प्रधानमंत्री मोदी का जोर इस बात पर रहा कि भारत के digital payment infrastructure को global connectivity के साथ आगे बढ़ाया जाए। अलग-अलग देशों के payment systems के साथ UPI की interoperability बढ़ने से international transactions को अधिक seamless बनाया जा सकता है।
इसका असर सिर्फ बड़े financial institutions तक सीमित नहीं रहेगा। Indian businesses, tourists, international customers और overseas Indians भी इससे लाभान्वित हो सकते हैं।
Cross-border payment व्यवस्था आसान होने से international transactions में समय और प्रक्रिया दोनों को बेहतर बनाने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
11 देशों तक पहुंच चुका है UPI
भारत का UPI अब domestic payment platform तक सीमित नहीं है। UPI-based payment services की international presence लगातार बढ़ी है और यह 11 देशों तक पहुंच चुकी है।
भारत जिस digital payment infrastructure को घरेलू स्तर पर सफलतापूर्वक विकसित कर चुका है, अब उसी technology और experience को international markets तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
UPI की real-time payment capability, QR-based transactions और mobile-first experience इसे digital payments के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण technology platform बनाते हैं।
Global Payments में भारत की बढ़ती भूमिका
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने digital payments के क्षेत्र में तेजी से expansion किया है। UPI ने छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े businesses तक payment ecosystem को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अब इसी digital infrastructure को international level पर expand करने से भारत की FinTech Diplomacy और digital economy को भी नई दिशा मिल सकती है।
विशेषज्ञों के नजरिए से देखें तो payment systems की interoperability बढ़ने से देशों के बीच digital commerce और financial connectivity को बढ़ावा मिल सकता है।
विदेशों में रहने वाले Indians को क्या फायदा होगा?
UPI के global expansion का एक बड़ा संभावित फायदा विदेशों में रहने वाले भारतीयों और international travellers को मिल सकता है।
यदि UPI और दूसरे देशों के payment networks के बीच connectivity बढ़ती है, तो भारत से जुड़े cross-border transactions को अधिक convenient बनाया जा सकता है। इससे international visitors और भारतीय businesses के लिए digital payment experience भी बेहतर हो सकता है।
इसके अलावा global markets में काम कर रही भारतीय कंपनियों के लिए भी digital payment infrastructure का विस्तार महत्वपूर्ण हो सकता है।
International Trade और Digital Commerce को मिल सकता है Boost
आज global economy में fast और reliable digital payments की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में cross-border payment systems के बीच बेहतर connectivity international trade और e-commerce को support कर सकती है।
भारत का UPI model यदि अधिक देशों के payment ecosystems के साथ integrate होता है, तो digital commerce के लिए एक बड़ा interconnected network विकसित होने की संभावना है।
यह भारत के Digital India Vision और technology-led economic growth के लिए भी महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
UPI की सफलता ने बदली भारत की Payment Economy
UPI ने भारत में digital transactions को आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। QR Code से payment, UPI ID के जरिए money transfer और mobile-based transactions ने payment process को काफी सरल बनाया है।
इसका सबसे बड़ा प्रभाव छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और उन users पर दिखाई देता है जिन्होंने traditional cash payments के साथ-साथ digital payments को तेजी से अपनाया है।
भारत अब इसी experience को international level पर scale करने की कोशिश कर रहा है।
Digital India से Global Digital India तक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Digital India vision में technology को economic growth और public convenience का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। UPI का international expansion इसी broader digital vision का हिस्सा है।
Domestic success के बाद अब चुनौती यह है कि भारत अपने digital payment infrastructure को दूसरे देशों के systems के साथ कितनी प्रभावी तरीके से connect कर पाता है।
यदि यह connectivity व्यापक स्तर पर विकसित होती है, तो आने वाले वर्षों में UPI Global Payments, Cross-Border Transactions और International Digital Commerce में भारत की भूमिका और मजबूत हो सकती है।
क्या है UPI?
UPI यानी Unified Payments Interface भारत का real-time digital payment system है। इसके जरिए users अपने bank accounts से मोबाइल फोन के माध्यम से तुरंत payment या money transfer कर सकते हैं।
UPI ID, QR Code और अन्य digital payment methods के जरिए transaction किया जा सकता है। इसकी simplicity और real-time functionality ने इसे भारत के सबसे लोकप्रिय digital payment platforms में शामिल किया है।
PM Modi UPI News क्यों है महत्वपूर्ण?
Global Fintech Fest 2026 में UPI को अधिक देशों के payment systems से जोड़ने पर प्रधानमंत्री मोदी का जोर भारत की Global Digital Economy Strategy को दर्शाता है।
भारत अब केवल अपने domestic digital payment ecosystem को मजबूत करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि UPI को international digital payments की दुनिया में भी एक महत्वपूर्ण platform के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आने वाले समय में यदि UPI की international connectivity और बढ़ती है, तो इससे Indian FinTech, Cross-Border Payments, International Trade और Digital Commerce को नई गति मिलने की संभावना है।
Key Takeaway
UPI Global Expansion भारत के Digital India Mission का अगला बड़ा चरण हो सकता है। 11 देशों तक पहुंच बना चुका भारत का digital payment ecosystem अब अधिक देशों के payment networks के साथ connectivity बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसका असर international payments से लेकर global digital commerce तक देखने को मिल सकता है।
बड़े तालाब की हदों पर बड़ा खुलासा! मुनारों से 15 फीट आगे पानी, तालाब के अंदर सीवेज लाइन और 50 मीटर के भीतर पक्का निर्माण
भोपाल। बड़े तालाब की वास्तविक सीमा, कैचमेंट और संभावित अतिक्रमणों की जांच के लिए एनजीटी द्वारा गठित सात सदस्यीय विशेष टीम का ग्राउंड ट्रुथिंग सर्वे मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। मुगलिया छाप से लेकर सेंट्रल पार्क और भारत भवन तक हुए निरीक्षण में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनका राजस्व रिकॉर्ड और तकनीकी दस्तावेजों से सत्यापन किया जाना जरूरी है।















